परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
सिख धर्म के प्रथम गुरु एवं संस्थापक #श्री_गुरु_नानक_देव_जी_की_जयंती के पावन अवसर पर दिनांक विधानसभा भितरवार #ग्राम_बरगवां गुरुद्वारा में मथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया एवं अखंड पाठ में सम्मिलित होकर सिख समाज के सम्मानित कार्यकर्ताओं व श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर सरदार सन्नी सिंह जी, सरदार दीपा सिंह जी, सरदार मक्खन सिंह जी, सरदार बलजिंदर सिंह जी, रविंद्र शास्त्री जी, जगजीत सिंह जी, सतनाम सिंह जी एवं युवराज सिंह जी सहित उपस्थित रहे। गुरु नानक देव जी के उपदेश — “नाम जपो, किरत करो, वंड छको” — हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सिख समाज का योगदान सदैव राष्ट्र सेवा, एकता और भाईचारे का प्रतीक रहा है।