परहित सरिस धरम नहिं भाई ।पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
भितरवार नगर में श्री नरेश अग्रवाल जी के निवास पर परिवार से सौजन्य भेंट की भेंट के दौरान परिवार द्वारा स्नेह, सम्मान एवं आत्मीयता वास्तव में भावनात्मक रहा।