परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
भितरवार पार्वती नदी के दियादाह घाट पर महंत श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री अनिरुद्धवन जी महाराज की अनुकंपा से दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ एवं दीप दाह उत्सव कार्यक्रम में सहभागिता कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंगल गान से सम्पूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता से ओतप्रोत हो उठा। सैकड़ों दीपों की झिलमिल रोशनी ने घाट को आलोकित कर दिया। “दीप जलाना केवल परंपरा नहीं — यह अंधकार पर प्रकाश, नकारात्मकता पर सकारात्मकता और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।”