परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
भितरवार प्रवास के दौरान सुबह-सुबह कार्यकर्ताओं के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में भ्रमण किया इस दौरान आगामी दीपावली पर्व के अवसर पर सभी से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और #लोकल_फ़ॉर_वोकल” के संकल्प को सशक्त बनाने का आग्रह किया। “स्वदेशी अपनाना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम है, बल्कि हमारे परिश्रमी कारीगरों और स्थानीय उद्योगों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।” इस दीपावली, देशी बनें — स्वदेशी जलाएं।