परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
भाडेंर में श्री राजेंद्र त्रिपाठी जी के भाई के देवलोकगमन उपरांत उनके निवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। सादर नमन। ? ॥ ॐ शांति ॥