परहित सरिस धरम नहिं भाई ।पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
में श्री फूल सिंह किरार जी से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की।