परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
मेरे प्रिय, अभिन्न मित्र एवं संकट के सच्चे साथी श्री मदन शिवहरे जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ यह अपूरणीय क्षति हम सबके लिए अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवारजन एवं शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।