परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
परिणय वाटिका, ग्वालियर में राज एक्सप्रेस द्वारा आयोजित रंगरती गरबा महोत्सव- 2025 में सम्मिलित हुआ। गरबा माँ अम्बे की आराधना है हमारी भारतीय संस्कृति और परंपराओं की आत्मा है, जो आस्था, उल्लास और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ? देवी माँ सबके जीवन में शक्ति, शांति और मंगल का संचार करें।