परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
ग्वालियर किले पर स्थित दाता बंदी छोड़ साहिब गुरुद्वारा में माथा टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ गुरु हरगोविंद साहिब जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित प्रवचन एवं कीर्तन का श्रवण किया। इस अवसर पर पद्मश्री सम्मानित संतबाबा सेवा सिंह जी, संतबाबा लक्खा सिंह जी द्वारा आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष आंतरी श्री कुलवंत सिंह बाजवा जी, श्री सन्नी सिंह जी, श्री हैप्पी सरदार जी, श्री संदीप सरदार (सरपंच) जी, श्री जगजीत सरदार जी, श्री सतनाम सरदार जी एवं श्री सत्येन्द्र किरार जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सिख समाज की अमूल्य परंपराओं और त्याग-बलिदान की विरासत को प्रणाम।