परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारा, ग्वालियर किला पर अमावस्या के पावन पर्व को लेकर ग्रीन हाउस निजनिवास पर परम पूज्य संत श्री बाबा लक्खा सिंह जी का आत्मीय स्वागत कर शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अमावस्या के इस पावन पर्व पर ग्वालियर किले स्थित दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारा में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान एवं संगत के समागम में सम्मिलित होने हेतु बाबा जी द्वारा सादर निमंत्रण पत्र प्राप्त किया सिख धर्म की महान परंपराओं, गुरुओं के बलिदान और समाज को जोड़े रखने वाली शिक्षा को आत्मसात करते हुए हम सभी का कर्तव्य है कि ऐसे पावन अवसरों पर संगत में शामिल होकर गुरु घर की सेवा और भक्ति में योगदान दें। इस अवसर पर सिख समाज के कार्यकर्ता एवं जन सेवक साथी सम्मिलित रहे।