परहित सरिस धरम नहिं भाई ।पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
हिंगलाज माता के श्रीचरणों में समर्पित भावपूर्ण वंदन माँ का आशीर्वाद सब पर बना रहे ।