परहित सरिस धरम नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
विधानसभा भितरवार ग्राम घाटीगांव में मेरे बचपन के साथी एवं परिवार के अभिन्न सदस्य, श्री खुन्नीराम रजक जी के सुपुत्र के आशीर्वाद समारोह में सम्मिलित हुआ इस अवसर पर श्री खुन्नीराम रजक जी एवं उनके सुपुत्रों द्वारा जिस आत्मीयता, स्नेह और सम्मान के साथ स्वागत किया गया, वह मेरे लिए अत्यंत अभिभूत कर देने वाला अनुभव रहा उनके द्वारा किए गए इस स्नेहिल स्वागत ने न केवल मुझे भावुक किया, बल्कि की रजक समाज की सांस्कृतिक समृद्धि, पारिवारिक एकता एवं सम्मानजनक परंपराएँ आज भी जीवंत हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि नवविवाहित जीवनसाथियों का दांपत्य जीवन सुख, समृद्धि व प्रेम से परिपूर्ण हो।