परहित सरिस धरम नहिं भाई ।पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
न्याय, धर्म और समर्पण की प्रतिमूर्ति, अमर वीरांगना राजमाता देवी अहिल्या बाई होलकर जी की जयंती पर ग्वालियर मे उनकी प्रतिभा पर माला अर्पण कर शत-शत नमन किया